अच्छे नेतृत्व (leadership) के लिए सुझाव

नेतृत्व की अवधारणा का काफी अध्ययन किया गया है और कई बार इसे  प्रकाशित भी किया गया है। हम में से अधिकांश लोग ये जानते हैं की  नेतृत्व क्या है , लेकिन क्या हम सब को पता है कि एक प्रभावी नेता बनने के लिए क्या गुण होने चाहिए और हमें क्या करना चाहिये ? एक नेता की  जिम्मेदारी का भार बहुत वज़नदार होता  है और पूरी परिश्रम से काम करने के बावजूद  कई मौक़ों पर थोड़ी सि भी गलती होने से उसकी आलोचना की जाती है और मज़ाक़ उड़ाया जाता है। वो ईर्षा का भी पात्र होता है। तो फिर क्यों एक व्यक्ति  इस भूमिका को अपनाता है ? कभी कभार हालात एक व्यक्ति पर नेतृत्व का भार थोप देती है, चाहे वो उसके बेहतर कौशल की वजह से हो या  साहस की वजह से हो। जब एक  व्यक्ति नेतृत्व का भार उठाता  है तो वह परिणाम के लिए ज़िम्मेदार होता है चाहे सारा काम  उसके अनुयायी हीं क्यों न  करें। एक सही परिणाम हासिल करने के लिए एक नेता को उसके अनुयायी यों का समर्थन प्राप्त  करने के लिए सक्षम होना चाहिए। अगर वो ऐसा नहीं कर सकता तो वो अप्रभावी रहेगा। इसलिए ये ज़रूरी है की एक नेता नेतृत्व के भारी बोझ के प्रति सतर्क रहे।  एक अच्छा नेता बनने  के लिए नीचे दी हुई सूत्रों का अध्ययन करें और उनका पालन करें।

सामने से नेतृत्व करें। महराना प्रताप ,  शिवाजी और महात्मा गाँधी की तरह आगे बढ़ कर नेतृत्व करना सीखें। आम तौर पर एक समुदाय एक भेड़ों की झुण्ड की तरह होता है। जब वोह अपने आगे किसी को नेतृत्व करते हुए देखता  है तो वोह उसके पीछे चल पड़ता है। अगर आप आगे बढ़कर नेतृत्व करेंगे तो परिणाम से आश्चर्यचकित रह जायेंगे। कोशिस कर के देखें।

अपने समूह की बात सुनें। अपने अनुयाइयों की बात सुने और उनके विचारों पर गौर करें। ऐसा करने से आप की साख बढ़ेगी। आपके अनुयायी आपको और मान्यता देंगे और समर्थन करेंगे।

मिट्टी के साथ जुड़े और मिट्टी में काम करना सीखें। एक नेता को वारदात की ज़गह पर हाज़िर रहना चाहिए और अनुयायियों के साथ कंधे से कन्धा मिला कर काम करना चाहिए। जो काम आप के अनुयायी कर रहे हैं, उसको खुद करने से मत झिजकें। एक अच्छा नेता हर उस जगह पर जाता है जहाँ उसे अपना मकसद पाने के लीए पहुचना चाहिये। अपने को बड़ा मत समझें, एक नेता के लिए कोई भी काम छोटा नहीं होता है।

मजबूत प्रशासकों को नियुक्त करें, जो आप की तुलना में ज्यादा मजबूत हों। मजबूत प्रशाषक आपके काम में मदद करेंगे और उसे एक अच्छा अंजाम देंगे। वफादारी और प्रदर्शन के आधार पर कर्मचारियों को बढ़ावा दें।

100 प्रतिशत संगठन के लिए प्रतिबद्ध रहें अगर आप अपने संगठन के लिए प्रतिबद्ध नहीं रहेंगे तो आप के अनुयायी क्यों प्रतिबद्ध रहें? अगर आपके अनुयायी आपको खुदगर्ज समझते है तो वह हतोत्साहित हो जायेंगे। लेकिन जब वे आप को  व्यक्तिगत लाभ से ऊपर देखतें हैं और समझतें हैं की आप समूह के लिए काम कर रहे हैं तो वोह आपको पूरा समर्थन देंगे और  बिना किसी हिचकिचाहट के आपके निर्देश का  पालन करेंगे।

पुरस्कार साझा करें।  जब आपको आपके संघटन के काम के लिए कोई पुरष्कार मिलता है तो वह अपने अनुयायियों के साथ बाटें। ऐसा करने से आपके अनुयायी प्रेरित महसूस करेंगे।

अपने आप पर सख्त अनुशासन। अगर आपकी  क्षमता, ईमानदारी और निष्ठा पर आपके अनुयायियों को  संदेह होगा तो वह कभी भी आपका समर्थन नहीं करेंगे और आपकी निर्देश का पालन नहीं करेंगे इसलिए जरुरी है की आप अपने ऊपर  सख्त अनुशासन रखें।

आकर्षक और पसंददिदा व्यक्तित्व। अगर आपका व्यक्तित्व सुखद और आकर्षक है तो आपके साथ लोग काम करना पसंद करेंगे। अपने कार्यों में हास्य और  विनम्रता का उपयोग करें। अपनी उपलब्धि पर घमंड करने की बजाये विनम्र रहें। आम तौर पर लोग एक विनम्र व्यक्ति के साथ सम्बन्ध रखना पसंद करतें हैं।

अन्य नेताओं और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करें। अपने संगठन के अन्य  नेताओं और कर्मचारियों को  प्रोत्साहित करें।  जब आप बहादुरी देखते हैं तो उसकी प्रशंशा करें और  इनाम दें। जब कोई विशेष काम करता है तो उसे ईनाम दें। जब आप संभावित नेताओं को देखतें हैं तो उन्हें प्रोत्साहन दें जिससे की वो आगे चल कर आपकी जगह ले सकें।

लेखक

प्रशांत गुप्ता

 

 

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