तकदीर और होनी (Destiny)

एक महत्वपूर्ण लड़ाई के दौरान, एक जापानी सेनापती ने हमला करने का फैसल किया , इसके बावजूद की उसकी सेना दुश्मन के सेना से काफी छोटी थी। उस सेनापती को पूरा विश्वास था की जीत उनकी होगी परन्तु उसके सिपाहियों का मन संदेह से भरा हुआ था। रास्ते में वो सेनापती अपने सिपाहियों के साथ एक मंदिर में रुका। अपने सिपाहियों के साथ प्रार्थना करने के बाद, सेनापति ने अपने जेब से एक सिक्का निकाला और कहा की मैं इस सिक्के को उछालूँगा , अगर head आया तो लड़ाई में जीत हमारी होगी और अगर tail आया तो हमारी हार होगी। हमारा तकदीर अब हमें रास्ता दिखायेगा।

सेनापती ने सिक्का उछाला और जब वो गिरा तो head था। यह देखकर सिपाहियों का मन हर्ष और उत्साह से भर गया और उन्होंने विश्वास के साथ दुश्मन पर हमला किया और लड़ाई में विजय पाई। लड़ाई के बाद एक सिपहसालार ने सेनापती से कहा ” तकदीर और होनी को कोई नहीं टाल सकता”।

“तुमने बिलकुल सही कहा।” और फिर अपनी जेब से सिक्का नीकाल कर उस सिपहसालार को दिखया। उस सिक्के के दोनों तरफ हेड (head) था।

कहानी का नैतिक मूल: अगर आपको अपने आप पर विश्वास और भरोषा है तो आप कुछ भी हासिल कर सकतें हैं।

* Hindi translation of a Zen Story.

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