आत्म विश्वासी कैसे बनें

आत्म विश्वासी कैसे बनें। (How to be self confident)

एक आत्म विश्वासी (self confident) व्यक्ति में एक अलग सोच होती है जो दूसरों में नहीं होती , वह जानते हैं की जो वो पाना चाहते हैं उसको पा कर रहेंगे। उनकी सोच सकारात्मक होती है। वो दूसरों से अपनी तुलना नहीं करते हैं। उन्हें अपनी कार्य कुशलता पर विश्वास होता है।

वो जानते हैं की वो जैसे हैं अच्छे हैं और उन्हें अपने आप पर भरोसा होता है। उन्हें पता होता है कि अगर वो कोशिश करें तो और भी अच्छा काम कर सकते हैं और वो अपने लक्ष्य को पाने के लिए बार बार कोशिश करते हैं। वो कभी निराश नहीं होते हैं और अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगन के साथ बे जोड़ मेहनत करते हैं। एक आत्म विश्वासी व्यक्ति में कुछ कर गुजरने कि तमन्ना होती है।

अगर आप अपनी क़ाबलियत और कार्य कुशलता पर शक करेंगे तो कभी अपने लक्ष्य को नहीं पा सकेंगे। अगर आप अपने मन से ये शक और सोच निकाल दें तो आप अपनी छमता पर आश्चर्य चकित रह जाएँगे। एक आत्म विश्वासी व्यक्ति बनने के लिए आपको अपनी नकारात्मक सोच को सकारात्मक सोच में बदलना होगा।

आत्मविश्वास हमारे जीवन के लगभग हर पहलू में अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी हो तो उसे अपने लक्ष्य में सफलता पाने के लिए मुश्किल आ सकती है।

आत्म विश्वासी व्यक्ति दूसरों में विश्वास प्रेरित करता है। दूसरों का विश्वास पाना एक प्रमुख तरीक़ा है जिसके सहारे हम सफलता पा सकते हैं।

अगर हम कोशिश करें तो हम अपना आत्मविश्वास जगा सकते हैं।

 क्या आप आत्मविश्वासी हैं ?

आपका आत्मविश्वास आपके हावभाव, आपके बातचीत करने का तरीका और दूसरों के साथ बर्ताव करने के तरीके इत्यादि से ज़ाहिर होता है। एक आत्मविश्वासी और कम आत्म विश्वासी व्यक्ति में क्या फर्क है वो निचे पढें।

 आत्म विश्वासी व्यक्ति

1. दूसरों की आलोचना को नज़रंदाज़ करते हुए वही करता है जो वह ठीक समझता है।

2. अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जरूरत के अनुसार जोखिम उठाता है।

3. अपनी गलती को स्वीकार करते हुए उनसे सीख लेता है।

4. अपनी उपलब्धि का ढिंढोरा नहीं पिटता है और बँधाई देने के लिए दूसरों की प्रतीक्षा करता है।

5. अपने कम की तारीफ़ नम्रता से स्वीकार करता है।

 कम विश्वासी व्यक्ति

1. दूसरों की सोच के मुताबिक़ काम करता है।

2. विफलता से डरता है इसलिए जोखिम नहीं उठाता है।

3. अपनी गलती को छूपाने की कोशिश करता है।

4. अपनी छोटी से छोटी उपलब्धि का ढिंढोरा पिटता है।

5. अपनी तारीफ़ को नज़रंदाज़ करता है।

 अपना आत्मविश्वास कैसे बढाएं।

1. अपने व्यक्तित्व को जानें। अपनी शक्ति और कमजोरी का विश्लेषण करें। अपने नकारात्मक विचारों का विश्लेषण करें और सोचें की इनको सकारात्मक कैसे किया जा सकता है। अपनी कमजोरी और खामियों को दूर करने के उपाय सोचें और करें। अतीत में आपने कौन कौन से अच्छे काम किए और कैसे सफलता पाई के बारें में सोच विचार करें। जब आप अपनी शक्ति को पहचानेंगे तो आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

2. सकारात्मक सोच। सकारात्मक सोचें (think positive ), सोचें की आप सब कुछ कर सकतें हैं। सोचें की कुछ भी मुश्किल नहीं है। सकारात्मक सोच के साथ आप अपनी कल्पना को साकार कर सकते हैं।

3. व्यक्तित्व को उभारें। स्मार्ट दिखें। अपने को साफ़ सुथरा रखें और साफ़ सुथरे कपड़े पहनें। अपनी मुद्रा(posture ) सही रखें। अपने शारीरिक उपस्थिति (physical appearance ) को व्याम के द्वारा निखारें।

4. व्याम करें। नियमित व्याम से आप की शारीरिक शक्ति बढ़ेगी , ऊर्जा(energy) बढ़ेगी, आप का व्यक्तित्व निखरेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

5. लक्ष्य साधें। छोटे छोटे लक्ष्य रखें और उन्हें पूरा करें।

6. ज्ञान अर्जित करें। तरह तरह के विषय के बारे में पढ़े और उनके बारे में ज्ञान अर्जित करें। जैसे जैसे आप का ज्ञान बढ़ेगा वैसे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

7. आत्म छवि। एक आत्म विश्वासी व्यक्तित्व की कल्पना करें और अपने को उस रूप में ढालने का प्रयास करें।

8. सकारात्मक कार्य। अगर कोई मुश्किल काम या परस्थिति सामने आयें तो उससे घबराने की जगह सकारात्मक कार्य करते हुए उस काम को पूरा करें। तात्पर्य, सिर्फ सोचें नहीं, करें भी।

9. मुस्कराएँ (smile). आपकी मुसकान सकारात्मक तरीक़े से दूसरों को प्रभावित करती है और आप में आत्मविश्वास पैदा करती है।

10. तैयारी करें। (prepare). जब भी किसी काम को पूरा करना हो तो उसके बारें में सोच विचार करें और उसे पूरा करने की तैयारी करें। मान लीजिये की आपने किसी विषय पर एक प्रस्तुति देना है। अगर आपने उस विषय के बारे में जानकारी हासिल की है और प्रस्तुति के लिए तैयारी की है तो आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और भली भांति प्रस्तुति दे पायेंगे।

11. आहिस्ता बोलें। (speak slowly ). छोटी सी बात है परन्तु जब आप आहिस्ता बोलतें हैं तो ऐसा प्रतीत होता है कि आप स्थिती पर नियंत्रण में है और आप में आत्मविश्वास नजर आता है।

12. लंबा और सीधे खड़े हों। जब आप ऐसा करते हैं तो आप आकर्षक लागतें हैं और आप में आत्मविश्वास नज़र आता है।

13. क्षमता वृद्धि। अपनी क्षमता में वृद्धि करें। जिस विषय पर आप अपनी क्षमता में वृद्धि करना चाहतें हैं,उसके बारे में पढ़े और अभ्यास करें। जब आपकी क्षमता बढ़ेगी तो आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

14. सक्रिय रहें। सिर्फ सोचें और देखें नहीं। अगर किसी काम को पूरा करना है तो सक्रिय रहें। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

लेखक

प्रशान्त गुप्ता

 

One Response to आत्म विश्वासी कैसे बनें

  1. heera ram February 5, 2015 at 5:52 pm #

    Respected sir I am satishfied with your views .. ..thnx

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