Anger Management

क्रोध प्रबंधन (Anger management)

anger1

 क्रोध सामान्य और स्वस्थ भावना है जो हमें किसी संकट से ख़बरदार करती है और उससे निपट ने में मदद करती है। अगर क्रोध को सही जगह पर केंद्रित किया जाये तो यह एक शक्तिशाली प्रेरित बल हो सकता है। परन्तु क्रोध ऐसी भावना है जो अगर नियंत्रण से बहार हो जाये तो आपको तनाव, संकट और दुख का भी सामना करना पड़ सकता है।

अनियंत्रित क्रोध एक गंभीर स्थिती पैदा कर सकता है। अनियंत्रित क्रोध व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन को नुक़सान पहुँचा सकता है क्योंकि यह अविश्वसनीय रूप से आप के और आप के आसपास के लोगों के लिए विनाशकारी हो सकता है। आधुनिक कार्यस्थल में अकसर विश्वास और सहयोग की जरूरत होती है , अनियंत्रित क्रोध काम काजी रिश्तों को काफी नुक़सान पहुँचा सकता है।

यह लेख एक 12-कदम का प्रभावी तरीक़ा सिखाता है जो आपको क्रोध नियंत्रण में रखने में मदद कर सकता है। 12-कदम दृष्टिकोण, ड्यूक विश्वविद्यालय के रेडफोर्ड विलियम्स (Redford William) के विचारों पर आधारित है।

थ्योरी की समझ

क्रोध एक अच्छी तरह से विकसित मुकाबला तंत्र है जिसकी तरफ हम मुड़ते हैं जब हम अपने लक्ष्यों को पाने में निराश होते हैं या जब हम खुद के लिए या अपने प्रियजनों के लिये खतरा महसूस करते हैं। यह मदद करता है हमें उन स्थितियों में जहाँ जल्दी से निर्णायक प्रतिक्रिया की ज़रूरत हो और हमारे पास स्थिति का विश्लेषण करने का समय न हो। क्रोध हमें समस्याओं को हल करने के लिए, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, और खतरों को हटाने के लिए प्रेरित कर सकता है। क्रोध से प्रेरित प्रतिक्रिया हमें अपने और दूसरों की रक्षा करने में मदद कर सकती है। एक सकारात्मक प्रतिक्रिया और रचनात्मक परिणाम हमारे आत्मसम्मान और आत्मविश्वास में सुधार ला सकती है।

क्रोध से संकट – मूर्खता

दूसरी ओर एक नकारात्मक व्यवहार संबंध बिगाड़ सकती है और आत्मसम्मान को टेश पहुँचा सकती है। और ख़ासकर अगर हम जल्दीबाज़ी और क्रोध में कोई प्रतिक्रिया करते हैं तो बात और भी बिगड़ सकती है। अगर सोंचे हुए संकट के प्रति हमारी धारणा गलत थी तो हम मूर्ख भी लग सकते हैं।

इस लिये हमें क्रोध का इस्तेमाल सकारात्मक तरीक़े से करना चाहिये जिससे उसका नतीजा रचनात्मक हो नाकी विनाशकारी। किसी प्रतिक्रिया से पहले हमें शांतभाव से सोचना चाहिये।

क्रोध प्रबंधन अपने क्रोध को शांत करने की एक प्रतिक्रिया है इससे पहले की वो एक विनाशकारी रूप ले ले।

एक व्यक्तिपरक अनुभव

एक व्यक्ति कई अलग अलग कारणों से और कई अलग अलग तरीकों से क्रोध का अनुभव करता है। जिस बात से एक व्यक्ति को क्रोध आता है शायद उस बात से दूसरे को सिर्फ चिढ़ भर हो और तीसरे को शायद कोई भी फरक न पड़े।

यह ज़रूरी है की आप अपना ध्यान केन्द्रित करें क्रोध को नियंत्रण में रखने के लिये इससे पहले की वो एक गंभीर रूप ले ले और आप के लिये तनाव, चिंता और बेचैनी का कारण बने।

क्रोधित होने के कुछ सर्वव्यापी कारण हैं जो इस प्रकार हैं।

  •  लक्ष्य नहीं पा सकने के बारे में हमारी कुंठा।
  • ठेश पहुचना।
  • उत्पीड़न।
  • मानसिक या शारीरिक रूप से खुद पर व्यक्तिगत हमला।
  • हमारे प्रियजनों, चीजों या विचारों पर किसी बात का खतरा।

हम आमतौर पर हमारे दैनिक जीवन में इन संभावित क्रोध के कारणों का अनुभव करते हैं। उचित स्तर पर सही ढंग से व्यक्त किया हुआ क्रोध हमें किसी खतरे के प्रति सही कार्रवाई करने में मदद करता है। यदि हम हमारे गुस्से का प्रबंधन करना सीख लेते हैं तो हम इसे उचित रूप से व्यक्त कर सकते हैं और सकारात्मक और रचनात्मक कार्य के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

तो जब आपको क्रोध आता है तो शांत होने के लिये आप , Redford विलियम्स के द्वारा बताये हुए ’12 कदम के तरीक़े का इस्तेमाल कीजिये जो इस प्रकार है।

चरण 1: एक “विद्वेष का अभिलेख ” रखें।

जो बातें आपको क्रोधित करती हैं उसका ब्योरा रखें और इसका इस्तेमाल करें यह समझने के लिये की कौन सी बात आपके क्रोध को भभकाती है। जब आप क्रोधित होने के कारण को समझते हैं तो आप के लिये उसको नियंत्रण में रखने के लिये रणनीति बनाना आसन हो जाता है।

चरण 2: स्वीकार करें की क्रोध को नियंत्रण में रखना एक समस्या है।

यह माना हुआ सच है की जिस बात को आप स्वीकार नहीं करते उसमें बदलाव नहीं ला सकते। इसलिए यह महत्वपूर्ण है की अपनी कमजोरी को समझें और स्वीकार करें की क्रोध आपकी सफलता के रास्ते में बाधक है।

चरण 3: अपने समर्थन नेटवर्क का उपयोग करें

यदि क्रोध एक समस्या है तो जो बदलाव आप करने जा रहे हैं उसके बारे में अपने जीवन में महत्वपूर्ण लोगों को बतलाएं। वे प्रेरणा के स्रोत हो सकते हैं और आपको समर्थन और मदद दे सकते हैं अगर आप पुराने व्यवहार की तरफ अग्रसर होते हैं।

चरण 4: क्रोध चक्र को बाधित करने के लिए क्रोध प्रबंधन तकनीकों का उपयोग करें।

  •  रुकें।
  • गहरी साँस लें।
  • स्वयं को बताएं कि आप स्थिति को संभाल सकते हैं।
  • नकारात्मक विचारों के बारे में सोचना बंद करें।

चरण 5: सहानुभूति का प्रदर्शन करें।

यदि कोई अन्य व्यक्ति आपके ग़ुस्से का स्रोत है तो उसकी या उसके परिप्रेक्ष्य से स्थिति को देखने और समझने की कोशिश करें। याद करें की आपका उद्देश्य क्या है और ध्यान में रखें की हर कोई गलती कर सकता है और गलतियों के माध्यम से हीं लोगों में सुधार आता है।

चरण 6: अपने आप पर हँसे।

हास्य अकसर सबसे अच्छी दवा होती है। अपने आप पर हँसना सीखें और सब कुछ गंभीरता से नहीं लें।

चरण 7: शांत रहें।

 क्रोधित व्यक्ति अक्सर छोटी चीजें को अपने आप को परेशान करने देता है। यदि आप शांत रहते हैं तो आपको एहसास होगा कि नाराज होने की कोई खास वजह नहीं है और नाही नाराज़ होने की जरूरत है।

 चरण 8: भरोसे के लायक बनिये।

क्रोधी व्यक्ति दोषदर्सी होता है। वे मानते हैं कि दूसरे व्यक्ति उसको परेशान करना चाहते हैं और उनके प्रयास को ना कामयाब करना चाहते हैं। जब आप दूसरों पर विश्वास करने लग जाते हैं तो उनके ऊपर ग़ुस्सा कम आता है और हर बात के लिए उसको दोषी नहीं समझते हैं।

कदम 9: दूसरों की कही बात ठीक से सुनिए।

कोई बात ठीक से नहीं समझना निराशाजनक होता है और अविश्वास को जन्म देता है जो सम्बन्ध को ख़राब कर सकता है। अगर आप किसी के द्वारा कही बात ठीक से सुनते और समझते हैं तो ग़लतफ़हमी नहीं होगी और आसानी से आप उस मसले का जवाब खोज सकते हैं और क्रोध आने का कोई कारन ही नहीं रहेगा।

 कदम 10: मुखर हो (Be assertive)

 याद रखें, दबंग हों आक्रामक नहीं। जब आप ग़ुस्से में होते हैं तो अकसर अपने आप को ठीक से व्यक्त करना मुश्किल होता है। आपकी भावना नकारात्मक हो जाती है और आपका चेहरा लाल हो जाता है और दिल की धड़कन बढ़ जाती है और ऐसे में आप सही और उचित प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं कर पाते हैं। यदि आप दबंग रहते हैं और अन्य लोगों को अपनी उम्मीदों, सीमाओं, और मुद्दों को बताते हैं तो आपको काफी पारस्परिक सफलता मिलेगी।

 कदम 11: प्रत्येक दिन ऐसे जियें की जैसे वो आपके जीवन का आखरी दिन हो।

जीवन छोटा है और यह ज़रूरी है की हम इसे सकारात्मक तरीके से जियें नाकि नकारात्मक तरीके से। एहसास करें कि अगर आप अपना सभी समय गुस्सा होने में बीता देंगे तो जिंदिगी की सारी खुशियाँ और आश्चर्य का आनंद कब लेंगे।

 चरण 12: जो व्यक्ति आप को क्रोध दिलाते हैं उन्हें माफ करें।

अपने अतीत को और नाराज होने के कारणों को भुला देना आसान नहीं है, लेकिन क्रोध को नियंत्रण में रखने के लिए एक नये शिरे से सुरुआत करना ज़रूरी है।

ऊपर दिये हुए 12 कदम एक व्यापक योजना के रूप में इस्तेमाल करके हम अनुचित और अनुत्पादक क्रोध पर नियंत्रण पाने में कामयाब हो सकते हैं। और जितनी जल्दी आप यह काम शुरू करेंगे उतना ही अच्छा होगा। क्रोध और तनाव आपस में सम्बंधित हैं और तनाव के सेहत पर बुरे नतीजे सब को मालूम हैं। इससे पहले की क्रोध आप पर हावी हो जाये इसको नियंत्रण में रखना सीखना ही आप के लिए उचित और फायेदेमंद होगा।

 क्रोध एक शक्तिशाली बल है और इसके गैर जिम्मेदाराना इस्तेमाल से हम अपने रिश्तों को और अपने स्वास्थ्य को ख़तरे में डाल सकते हैं इसलिए इसको नियंत्रण में रखना और इसका सकारात्मक इस्तेमाल करना ज़रूरी है।

 

,

One Response to Anger Management

  1. ansh singh June 16, 2013 at 7:21 am #

    wonderfully written by but i don’t know who is the writter of this essay

Leave a Reply

Password Reset
Please enter your e-mail address. You will receive a new password via e-mail.